अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए 50% टैरिफ के लागू होने से देश के व्यापारियों में भारी निराशा देखने को मिल रही है।
इस टैरिफ का असर बुधवार, 27 अगस्त 2025 से लागू हो गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत द्वारा रूस से तेल आयात करने के चलते अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाने का आदेश 6 अगस्त को दिया था। यह शुल्क पहले से लगाए गए 25% शुल्क के अतिरिक्त है, जिसे 31 जुलाई को लागू किया गया था। अब कुल मिलाकर 50% टैरिफ भारत से अमेरिकी आयात पर लागू हो गया है।
इधर, भारत सरकार ने ‘स्वदेशी’ मंत्र को आगे बढ़ाते हुए अर्थव्यवस्था को निर्यातों पर निर्भरता से मुक्त करने की कोशिशें तेज कर दी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार, 26 अगस्त को लोगों से “वोकल फॉर लोकल” होने और भारतीय सामान खरीदने की अपील की।
विपक्ष का हमला
अमेरिका द्वारा लगाए गए अतिरिक्त शुल्क के बाद विपक्ष ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि यह सब सरकार की “सतही विदेशी नीति” का नतीजा है, जिसका असर बड़े पैमाने पर रोजगार पर पड़ेगा।
कांग्रेस संचार प्रमुख जयराम रमेश ने कहा कि “ट्रंप डबल टैरिफ” अब लागू हो गया है, जिससे भारत के श्रम-प्रधान निर्यात क्षेत्रों को खासा नुकसान होगा — विशेष रूप से टेक्सटाइल, रत्न और आभूषण, चमड़ा, समुद्री उत्पाद और इंजीनियरिंग।
