Skip to main content
Live

पाबौ को उप तहसील का दर्जा देने की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता गणेश भट्ट का धरना जारी, सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग

पाबौ को उप तहसील का दर्जा देने की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता गणेश भट्ट का धरना जारी, सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग
AI Summaryसंक्षेप में

पौड़ी गढ़वाल। पौड़ी गढ़वाल जनपद के पाबौ क्षेत्र में वर्षों से लंबित जनसमस्याओं को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता गणेश भट्ट का धरना लगातार जारी है। पाबौ को उप तहसील का दर्जा देने, क्षेत्र में उप जिला चिकित्सालय खोलने सहित कई बुनियादी मांगों को लेकर गणेश भट्ट बीती 2 जनवरी से धरने पर बैठे हुए हैं, जो शनिवार को भी जारी रहा।

WhatsApp Image 2026-01-17 at 15.41.06

धरनास्थल पर गणेश भट्ट हाथ में तख्तियां लिए सरकार से सवाल करते नजर आए, जिन पर साफ शब्दों में लिखा था कि स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशासनिक सुविधाएं जनता का अधिकार हैं, न कि कोई एहसान।


स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली बनी सबसे बड़ा मुद्दा

गणेश भट्ट ने कहा कि पाबौ और आसपास के ग्रामीण इलाकों में उप जिला चिकित्सालय का न होना स्थानीय लोगों के लिए गंभीर समस्या बन चुका है। गंभीर बीमारी या आपात स्थिति में मरीजों को कई किलोमीटर दूर अस्पताल ले जाना पड़ता है, जिससे कई बार जान तक जोखिम में पड़ जाती है।

उन्होंने सरकार से मांग की कि पाबौ में शीघ्र उप जिला चिकित्सालय खोला जाए, ताकि आम ग्रामीणों को समय पर इलाज मिल सके।

WhatsApp Image 2026-01-17 at 15.40.10

शिक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल

धरने के दौरान गणेश भट्ट ने अटल आदर्श इंटर कॉलेज, पाबौ में शिक्षकों की भारी कमी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के पद खाली होने से छात्रों का भविष्य अंधकार में जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठे हैं।


ग्रामीण सड़कों और वन्य जीवों से नुकसान का मुद्दा

सामाजिक कार्यकर्ता ने क्षेत्र की ग्रामीण सड़कों के डामरीकरण की मांग भी दोहराई। खराब सड़कों के कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

इसके साथ ही उन्होंने वन्य जीवों से हुए नुकसान पर पीड़ित परिवारों को उचित और समयबद्ध मुआवजा देने की भी मांग रखी।

WhatsApp Image 2026-01-17 at 15.41.07

“जब तक कार्रवाई नहीं, तब तक धरना जारी रहेगा”

गणेश भट्ट ने साफ शब्दों में कहा कि

“जब तक सरकार हमारी मांगों पर ठोस और लिखित कार्रवाई नहीं करती, तब तक मेरा धरना जारी रहेगा। यह लड़ाई सिर्फ मेरी नहीं, पूरे पाबौ क्षेत्र की है।”


धरने को मिल रहा स्थानीय जनता का समर्थन

धरने को स्थानीय लोगों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। स्थानीय नागरिक, सामाजिक संगठन और जनप्रतिनिधि भी समय-समय पर धरनास्थल पहुंचकर समर्थन जता रहे हैं। लोगों का कहना है कि पाबौ क्षेत्र की लंबे समय से अनदेखी की जा रही है और अब आवाज उठाना जरूरी हो गया है।

WhatsApp Image 2026-01-17 at 15.40.54

अब सवाल सरकार से

अब बड़ा सवाल यह है कि

  • क्या सरकार पाबौ की जनता की आवाज सुनेगी?

  • क्या वर्षों से लंबित मांगों पर ठोस निर्णय लिया जाएगा?

  • या फिर एक बार फिर पहाड़ के लोगों को इंतजार करने के लिए मजबूर किया जाएगा?

KhabarLoktantra इस जन आंदोलन से जुड़ी हर अपडेट आप तक पहुंचाता रहेगा।


Share:
Subscribe

नए लेख और महत्वपूर्ण अपडेट सीधे आपके Inbox में।