तियानजिन (चीन):
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) का शिखर सम्मेलन 2025 इस बार चीन के तियानजिन शहर में आयोजित हुआ, जिसमें भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिस्सा लिया। यह सम्मेलन न सिर्फ एशिया बल्कि वैश्विक राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

शी जिनपिंग का बड़ा एजेंडा
सम्मेलन के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने SCO को और मजबूत बनाने की रूपरेखा पेश की। उन्होंने संगठन के तहत एक नए विकास बैंक, ऊर्जा सहयोग मंच और सदस्य देशों को आर्थिक पैकेज देने की घोषणा की।
मोदी की राजकीय सवारी चर्चा में
सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा और राजकीय सम्मान भी खास आकर्षण का विषय रहा। मोदी को चीन की प्रतिष्ठित Hongqi L5 और रूस की लग्जरी कार Aurus Senat में सवारी करवाई गई। यह कदम कूटनीति में सम्मान और आपसी भरोसे का प्रतीक माना जा रहा है।
मोदी–पूतिन–शी की एकजुटता
सम्मेलन के सबसे बड़े पलों में से एक वह था जब मोदी, शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन साथ नजर आए। मोदी और पुतिन की हाथ मिलाते और साथ चलने की तस्वीरों ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया में सुर्खियां बटोरीं। इस एकजुटता को पश्चिमी देशों, खासकर अमेरिका के लिए एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।
भारत का संतुलित रुख
हालांकि भारत SCO में सक्रिय भूमिका निभा रहा है, लेकिन विदेश नीति में मोदी सरकार का रुख संतुलित और स्वतंत्र है। भारत पश्चिमी देशों से भी अच्छे संबंध बनाए रखना चाहता है और साथ ही एशियाई देशों के मंच पर भी अपनी मौजूदगी मजबूत कर रहा है।
