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🇮🇳🇷🇺 मोदी–पुतिन मुलाक़ात: 2030 तक रणनीतिक सहयोग का रोडमैप, FTA, मज़दूर समझौता और आर्कटिक शिपबिल्डिंग पर बड़ी प्रगति

🇮🇳🇷🇺 मोदी–पुतिन मुलाक़ात: 2030 तक रणनीतिक सहयोग का रोडमैप, FTA, मज़दूर समझौता और आर्कटिक शिपबिल्डिंग पर बड़ी प्रगति
AI Summaryसंक्षेप में

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गुरुवार शाम दो दिन की राजकीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे, जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एयरपोर्ट पर खुद उनका स्वागत कर एक विशेष संदेश दिया — दोनों देशों के घनिष्ठ रिश्ते का मजबूत संकेत। दोनों नेताओं ने पीएम आवास पर निजी डिनर भी किया।

डिनर के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन को रूसी भाषा में अनूदित ‘भगवद्गीता’ की प्रति भेंट की। बाद में सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने लिखा – “गीता की शिक्षाएँ दुनिया भर में करोड़ों लोगों को प्रेरणा देती हैं।”

यह पुतिन की 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पहली भारत यात्रा है। इससे पहले वे दिसंबर 2021 में भारत आए थे। इस यात्रा पर दुनिया की नजरें इसलिए भी टिकी हैं क्योंकि पुतिन ऐसे समय में भारत आए हैं जब अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने पर भारत पर 25% की टैरिफ पेनल्टी लगाई है।


🔹 बातचीत का मुख्य फोकस — द्विपक्षीय रिश्ते

अधिकारियों के अनुसार, भले ही वैश्विक हालात और यूक्रेन युद्ध पर चर्चा अवश्य होगी, लेकिन भारत चाहता है कि यह यात्रा मुख्य रूप से इन मुद्दों पर केंद्रित रहे:

  • व्यापार

  • रक्षा सहयोग

  • तकनीकी साझेदारी

  • परमाणु ऊर्जा

  • श्रमिक गतिशीलता (Labour Mobility)

शुक्रवार को आयोजित होने वाले अनेक कार्यक्रमों और निजी बातचीत में दोनों पक्ष इन विषयों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।


🔹 शुक्रवार का कार्यक्रम

  • सुबह राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत

  • राजघाट पर श्रद्धांजलि

  • हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता

  • भारत–रूस बिज़नेस फ़ोरम में संबोधन (भारत मंडपम)

  • भारत में RT टीवी चैनल के लॉन्च कार्यक्रम में भागीदारी

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाक़ात

  • राज्य भोज


🔹 2030 तक रणनीतिक क्षेत्रों के विकास पर घोषणा

दोनों नेता ‘इंडिया–रशिया इकोनॉमिक कोऑपरेशन के रणनीतिक क्षेत्रों के विकास का 2030 रोडमैप’ नामक दस्तावेज़ की घोषणा कर सकते हैं।

इसके अलावा कई द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।


🔹 रक्षा क्षेत्र में संभावित प्रगति

सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्ष इन रक्षा परियोजनाओं पर चर्चा कर रहे हैं:

  • S-400 एयर डिफेंस सिस्टम

  • Su-57 फाइटर जेट का नवीनतम संस्करण

  • संयुक्त रक्षा उत्पादन


🔹 परमाणु ऊर्जा और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर

नागरिक परमाणु सहयोग में भी नई प्रगति की उम्मीद है। छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMRs) पर भी चर्चा हो सकती है।


🔹 वीज़ा और यात्रा को आसान बनाने पर बात

भारत चाहता है कि भारतीय पर्यटकों के लिए रूस वीज़ा-फ्री ट्रैवल पर विचार करे। दोनों पक्ष श्रमिक गतिशीलता समझौते को भी अंतिम रूप देने के करीब हैं।


🔹 व्यापार में संतुलन की चुनौती

FY 2024–25 में भारत–रूस व्यापार 68.7 बिलियन डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचा। लेकिन इसमें असंतुलन है:

  • भारत का निर्यात: 4.9 बिलियन डॉलर

  • रूस से आयात (मुख्यतः तेल): 63.8 बिलियन डॉलर

अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद भारत को रूसी तेल आयात कम करना पड़ा है।

भारत चाहता है कि:

  • रूस भारतीय फल, सब्जियाँ, दवा उत्पाद आदि अधिक खरीदे

  • उर्वरक आपूर्ति में सहयोग बढ़े

हाल ही में रूस ने भारतीय आलू और अनार आयात की अनुमति दी है।


🔹 आर्कटिक शिपबिल्डिंग में सहयोग

रूसी उप-प्रधानमंत्री डेनिस मांटुरोव के अनुसार, भारत और रूस आर्कटिक श्रेणी के जहाजों के संयुक्त निर्माण पर साथ काम कर सकते हैं। इसे भविष्य का बड़ा सहयोग क्षेत्र माना जा रहा है।


🔹 अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा

दोनों नेता संयुक्त राष्ट्र, SCO, G20 और BRICS से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे। 2026 में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन के लिए भारत पुतिन को औपचारिक निमंत्रण देगा।


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