नई दिल्ली। भाद्रपद पूर्णिमा पर आज साल 2025 का महत्वपूर्ण चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse 2025) लग रहा है। यह ग्रहण भारत समेत दुनिया के कई देशों में दिखाई दे रहा है। धार्मिक दृष्टि से यह ग्रहण अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस बार का चंद्र ग्रहण रात 09:58 बजे शुरू हुआ है और यह 08 सितंबर 2025 की सुबह 01:26 बजे समाप्त होगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्र ग्रहण के दौरान नकारात्मक शक्तियां अपने चरम पर होती हैं, जिसका असर मानव जीवन, देश-दुनिया और सभी राशियों पर पड़ता है। ऐसे में ग्रहण समाप्ति के बाद कुछ विशेष नियमों का पालन करना अत्यंत जरूरी माना गया है।
🌑 चंद्र ग्रहण के बाद क्या करें (What to do after Lunar Eclipse 2025)
हिंदू धर्म के शास्त्रों में चंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद विशेष धार्मिक कर्मकांड करने का महत्व बताया गया है। ग्रहण के दोष को दूर करने और पुण्यफल प्राप्त करने के लिए ये कार्य अवश्य करें:
मोक्ष स्नान करें – ग्रहण समाप्त होते ही सबसे पहले पवित्र नदी या जल में स्नान करें।
तर्पण और पूजन करें – स्नान के बाद पितरों का तर्पण करें और भगवान का पूजन करें।
दान करें – पूजन के बाद जरूरतमंदों को यथाशक्ति अन्न, वस्त्र, धन या अन्य आवश्यक वस्तुएं दान करें।
धर्मग्रंथों का अध्ययन – ग्रहण के बाद धार्मिक ग्रंथों का पाठ करें या धार्मिक प्रवचनों को सुनें।
सात्विक भोजन करें – स्नान और पूजन के बाद ही शुद्ध और सात्विक भोजन ग्रहण करें।
🚿 ग्रहण के बाद स्नान कहां करें (Bathing Rituals at Holy Places)
ग्रहण समाप्ति के बाद गंगा, यमुना, सरस्वती या किसी अन्य पवित्र नदी में स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
यदि नदी या तीर्थ स्थल पर नहीं जा सकते, तो घर में नहाने के जल में गंगाजल या किसी पवित्र जल स्रोत का जल मिलाकर स्नान करें।
स्नान के दौरान मन ही मन पवित्र नदियों या तीर्थ स्थानों का स्मरण करें।
संगम स्थल, समुद्र और सिंधु नदी जैसे स्थान स्नान के लिए अत्यधिक पुण्यदायी माने गए हैं।
🎁 चंद्र ग्रहण के बाद क्या करें दान (What to Donate After Lunar Eclipse)
चंद्रमा का संबंध सफेद रंग से है, इसलिए चंद्र ग्रहण के बाद सफेद वस्तुओं का दान विशेष फलदायी माना जाता है।
दूध, चावल, चीनी, सफेद मिठाई, बताशे
चांदी के आभूषण या सिक्के
सफेद वस्त्र
काले तिल और जौ का दान (पितृपक्ष को ध्यान में रखते हुए)
यदि उपरोक्त वस्तुएं न हों, तो धन दान भी शुभ माना जाता है।
🔔 महत्वपूर्ण सुझाव
ग्रहण के समय भोजन, जल और किसी भी प्रकार का पका हुआ खाना ग्रहण नहीं करना चाहिए।
गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
ग्रहण के दौरान मंत्र जाप और ध्यान करने से अत्यधिक पुण्य प्राप्त होता है।
नोट: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और प्राचीन शास्त्रों पर आधारित है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इसकी पुष्टि अलग हो सकती है।
