चंडीगढ़, 15 जुलाई 2026
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में एक बड़ा मार्च निकाला गया है, जिसमें पाकिस्तानी सेना को पीओके से बाहर जाने की मांग की जा रही है। यह मार्च मुजफ्फराबाद में आयोजित किया गया था, जो पीओके की राजधानी है। इस मार्च में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और उन्होंने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ नारे लगाए। यह मार्च पीओके में बढ़ते असंतोष को दर्शाता है, जो पाकिस्तानी सेना की कार्रवाइयों के कारण हो रहा है।

पीओके में पाकिस्तानी सेना की मौजूदगी के कारण लोगों में बहुत असंतोष है। पाकिस्तानी सेना ने पीओके में कई वर्षों से अपना कब्जा जमाए रखा है, जिससे स्थानीय लोगों को बहुत परेशानी हो रही है। पाकिस्तानी सेना ने पीओके में कई आतंकवादी संगठनों को प्रशिक्षित किया है, जो भारत में आतंकवादी गतिविधियों में शामिल हैं। यह पीओके में शांति और सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा है।
इस मार्च के दौरान, लोगों ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ कई नारे लगाए, जिनमें 'पाक सेना बाहर जाओ' और 'पीओके को आजाद करो' शामिल थे। लोगों ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ अपना विरोध प्रकट किया और उन्हें पीओके से बाहर जाने की मांग की। यह मार्च पीओके में बढ़ते असंतोष को दर्शाता है, जो पाकिस्तानी सेना की कार्रवाइयों के कारण हो रहा है।
पीओके में पाकिस्तानी सेना की मौजूदगी के कारण लोगों में बहुत असंतोष है। पाकिस्तानी सेना ने पीओके में कई वर्षों से अपना कब्जा जमाए रखा है, जिससे स्थानीय लोगों को बहुत परेशानी हो रही है। पाकिस्तानी सेना ने पीओके में कई आतंकवादी संगठनों को प्रशिक्षित किया है, जो भारत में आतंकवादी गतिविधियों में शामिल हैं। यह पीओके में शांति और सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा है।
इस मार्च के दौरान, पाकिस्तानी सेना ने लोगों को रोकने की कोशिश की, लेकिन लोगों ने अपना विरोध प्रकट करने के लिए अपने घरों से बाहर निकलकर मार्च में शामिल हुए। यह मार्च पीओके में बढ़ते असंतोष को दर्शाता है, जो पाकिस्तानी सेना की कार्रवाइयों के कारण हो रहा है। पाकिस्तानी सेना को पीओके से बाहर जाने की मांग की जा रही है, ताकि पीओके में शांति और सुरक्षा बहाल हो सके।
पीओके में पाकिस्तानी सेना की मौजूदगी के कारण लोगों में बहुत असंतोष है। पाकिस्तानी सेना ने पीओके में कई वर्षों से अपना कब्जा जमाए रखा है, जिससे स्थानीय लोगों को बहुत परेशानी हो रही है। पाकिस्तानी सेना ने पीओके में कई आतंकवादी संगठनों को प्रशिक्षित किया है, जो भारत में आतंकवादी गतिविधियों में शामिल हैं। यह पीओके में शांति और सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा है।
इस मार्च के दौरान, लोगों ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ कई नारे लगाए, जिनमें 'पाक सेना बाहर जाओ' और 'पीओके को आजाद करो' शामिल थे। लोगों ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ अपना विरोध प्रकट किया और उन्हें पीओके से बाहर जाने की मांग की। यह मार्च पीओके में बढ़ते असंतोष को दर्शाता है, जो पाकिस्तानी सेना की कार्रवाइयों के कारण हो रहा है।
पीओके में पाकिस्तानी सेना की मौजूदगी के कारण लोगों में बहुत असंतोष है। पाकिस्तानी सेना ने पीओके में कई वर्षों से अपना कब्जा जमाए रखा है, जिससे स्थानीय लोगों को बहुत परेशानी हो रही है। पाकिस्तानी सेना ने पीओके में कई आतंकवादी संगठनों को प्रशिक्षित किया है, जो भारत में आतंकवादी गतिविधियों में शामिल हैं। यह पीओके में शांति और सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा है।
इस मार्च के दौरान, पाकिस्तानी सेना ने लोगों को रोकने की कोशिश की, लेकिन लोगों ने अपना विरोध प्रकट करने के लिए अपने घरों से बाहर निकलकर मार्च में शामिल हुए। यह मार्च पीओके में बढ़ते असंतोष को दर्शाता है, जो पाकिस्तानी सेना की कार्रवाइयों के कारण हो रहा है। पाकिस्तानी सेना को पीओके से बाहर जाने की मांग की जा रही है, ताकि पीओके में शांति और सुरक्षा बहाल हो सके।
पीओके में पाकिस्तानी सेना की मौजूदगी के कारण लोगों में बहुत असंतोष है। पाकिस्तानी सेना ने पीओके में कई वर्षों से अपना कब्जा जमाए रखा है, जिससे स्थानीय लोगों को बहुत परेशानी हो रही है। पाकिस्तानी सेना ने पीओके में कई आतंकवादी संगठनों को प्रशिक्षित किया है, जो भारत में आतंकवादी गतिविधियों में शामिल हैं। यह पीओके में शांति और सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा है।
इस मार्च के दौरान, लोगों ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ कई नारे लगाए, जिनमें 'पाक सेना बाहर जाओ' और 'पीओके को आजाद करो' शामिल थे। लोगों ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ अपना विरोध प्रकट किया और उन्हें पीओके से बाहर जाने की मांग की। यह मार्च पीओके में बढ़ते असंतोष को दर्शाता है, जो पाकिस्तानी सेना की कार्रवाइयों के कारण हो रहा है।
पीओके में पाकिस्तानी सेना की मौजूदगी के कारण लोगों में बहुत असंतोष है। पाकिस्तानी सेना ने पीओके में कई वर्षों से अपना कब्जा जमाए रखा है, जिससे स्थानीय लोगों को बहुत परेशानी हो रही है। पाकिस्तानी सेना ने पीओके में कई आतंकवादी संगठनों को प्रशिक्षित किया है, जो भारत में आतंकवादी गतिविधियों में शामिल हैं। यह पीओके में शांति और सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा है।
इस मार्च के दौरान, पाकिस्तानी सेना ने लोगों को रोकने की कोशिश की, लेकिन लोगों ने अपना विरोध प्रकट करने के लिए अपने घरों से बाहर निकलकर मार्च में शामिल हुए। यह मार्च पीओके में बढ़ते असंतोष को दर्शाता है, जो पाकिस्तानी सेना की कार्रवाइयों के कारण हो रहा है। पाकिस्तानी सेना को पीओके से बाहर जाने की मांग की जा रही है, ताकि पीओके में शांति और सुरक्षा बहाल हो सके।
इस मार्च के बाद, पीओके में शांति और सुरक्षा की स्थिति पर नजर रखना बहुत जरूरी है। पाकिस्तानी सेना को पीओके से बाहर जाने की मांग की जा रही है, ताकि पीओके में शांति और सुरक्षा बहाल हो सके। यह मार्च पीओके में बढ़ते असंतोष को दर्शाता है, जो पाकिस्तानी सेना की कार्रवाइयों के कारण हो रहा है। पीओके में शांति और सुरक्षा के लिए यह बहुत जरूरी है कि पाकिस्तानी सेना को पीओके से बाहर जाने की मांग को माना जाए।
इस मार्च के दौरान, लोगों ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ कई नारे लगाए, जिनमें 'पाक सेना बाहर जाओ' और 'पीओके को आजाद करो' शामिल थे। लोगों ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ अपना विरोध प्रकट किया और उन्हें पीओके से बाहर जाने की मांग की। यह मार्च पीओके में बढ़ते असंतोष को दर्शाता है, जो पाकिस्तानी सेना की कार्रवाइयों के कारण हो रहा है। पीओके में शांति और सुरक्षा के लिए यह बहुत जरूरी है कि पाकिस्तानी सेना को पीओके से बाहर जाने की मांग को माना जाए।
इस मार्च के बाद, पीओके में शांति और सुरक्षा की स्थिति पर नजर रखना बहुत जरूरी है। पाकिस्तानी सेना को पीओके से बाहर जाने की मांग की जा रही है, ताकि पीओके में शांति और सुरक्षा बहाल हो सके। यह मार्च पीओके में बढ़ते असंतोष को दर्शाता है, जो पाकिस्तानी सेना की कार्रवाइयों के कारण हो रहा है। पीओके में शांति और सुरक्षा के लिए यह बहुत जरूरी है कि पाकिस्तानी सेना को पीओके से बाहर जाने की मांग को माना जाए।
इस मार्च के दौरान, लोगों ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ कई नारे लगाए, जिनमें 'पाक सेना बाहर जाओ' और 'पीओके को आजाद करो' शामिल थे। लोगों ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ अपना विरोध प्रकट किया और उन्हें पीओके से बाहर जाने की मांग की। यह मार्च पीओके में बढ़ते असंतोष को दर्शाता है, जो पाकिस्तानी सेना की कार्रवाइयों के कारण हो रहा है। पीओके में शांति और सुरक्षा के लिए यह बहुत जरूरी है कि पाकिस्तानी सेना को पीओके से बाहर जाने की मांग को माना जाए।
इस मार्च के बाद, पीओके में शांति और सुरक्षा की स्थिति पर नजर रखना बहुत जरूरी है। पाकिस्तानी सेना को पीओके से बाहर जाने की मांग की जा रही है, ताकि पीओके में शांति और सुरक्षा बहाल हो सके। यह मार्च पीओके में बढ़ते असंतोष को दर्शाता है, जो पाकिस्तानी सेना की कार्रवाइयों के कारण हो रहा है। पीओके में शांति और सुरक्षा के लिए यह बहुत जरूरी है कि पाकिस्तानी सेना को पीओके से बाहर जाने की मांग को माना जाए।
इस मार्च के दौरान, लोगों ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ कई नारे लगाए, जिनमें 'पाक सेना बाहर जाओ' और 'पीओके को आजाद करो' शामिल थे। लोगों ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ अपना विरोध प्रकट किया और उन्हें पीओके से बाहर जाने की मांग की। यह मार्च पीओके में बढ़ते असंतोष को दर्शाता है, जो पाकिस्तानी सेना की कार्रवाइयों के कारण हो रहा है। पीओके में शांति और सुरक्षा के लिए यह बहुत जरूरी है कि पाकिस्तानी सेना को पीओके से बाहर जाने की मांग को माना जाए।
इस मार्च के बाद, पीओके में शांति और सुरक्षा की स्थिति पर नजर रखना बहुत जरूरी है। पाकिस्तानी सेना को प
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